Thursday, December 20, 2018

बालगित - बन्दर मामा पहन पैजामा दावत खाने आये।

बन्दर मामा  पहन पैजामा दावत खाने आये। 
⎼⎼⎼⎼⎼⎼⎼⎼⎼⎼

बन्दर मामा  पहन पैजामा 

दावत खाने आये। 

ढीला  कुरता , टोपी, जूता  

पहन बहुत इतराए। 

रसगुल्ले पर जी ललचाया,

 मुँह में रखा गप से। 

नरम नरम था, गरम गरम था,

जीभ जल गई लप से। 

बन्दर मामा रोते रोते 

वापस घर को आए। 

फेंकीं टोपी, फेंका जूता,

रोए और पछताए।

No comments:

Post a Comment